Page 532 Class 10th Non - Hindi Book Solution पाठ - 9 अशोक का शास्त्र-त्याग
पाठ - 9 अशोक का शास्त्र-त्याग
प्रश्न 1. पद्मा के ललकारने पर भी अशोक ने युद्ध करना स्वीकार
क्यों नहीं किया?
उत्तर: पद्मा स्त्रियों की सेना
लेकर युद्ध के लिए ललकार रही थी। लेकिन अशोक ने युद्ध स्वीकार नहीं किया क्योंकि अशोक
स्त्रियों पर हाथ उठाना पाप मानते थे। स्त्रियों के साथ पुरुष का युद्ध करना शास्त्र
में अनुचित कहा गया है।
प्रश्न 2. पदमा को अशोक से बदला लेने का अच्छा अवसर था, तब भी उसने अशोक को जीवित क्यों छोड़ दिया?
उत्तर: पद्मा के सामने सम्राट
अशोक नतमस्तक थे। वे शस्त्र का त्याग कर चुके थे तथा प्रण कर लिए कि आगे कभी यद्ध नहीं
करूँगा। वीर सैनिक कभी भी निहत्थों पर वार नहीं करते इसीलिए पद्मा अवसर पाकर भी अशोक
से बदला नहीं लेकर जीवित छोड़ दिया।
प्रश्न 3.
1. बुद्धं
शरणं गच्छामि।।
2. धर्मं
शरणं गच्छामि।
3. संघ शरणं गच्छामि।
उपर्युक्त
वाक्य संस्कृत भाषा में लिखे गये हैं। इन्हें हिन्दी में अनुवाद कीजिए।
उत्तर:
1. भगवान
बुद्ध के शरण में जाता हूँ।
2. बौद्ध
धर्म के शरण में रण में जाता हूँ।
3. तथा संघ
के शरण में जाता हूँ।
पाठ से आगे
प्रश्न 1. सैनिकों को उत्साहित करने के लिए राजकुमारी पद्मा
और सम्राट अशोक द्वारा कही गई बातों की तुलना कीजिए और बताइए कि अधिक प्रभावशाली कौन
है?
उत्तर: तुलनात्मक दृष्टिकोण से
राजकुमारी पद्मा द्वारा कही गई बातें सैनिकों के लिए अधिक प्रभावशाली थे। अशोक ने कलिंग
पर विजय कर अधिकार में लेने या मृत्यु प्राप्त करने की बात अपने सैनिकों से कहा। लेकिन
पद्मा अपने सैनिकों को वीर कन्या, वीर भगनी, वीरों की पत्नी कह स्त्रियों
में वीर रस का संचार कर देती है। इसके साथ-साथ पिता, भाई, पुत्र-पति
के हत्यारों से लोहा लेकर मातृभूमि को पराधीन होते नहीं देखने की प्रतिज्ञा करवाती
है। जो अधिक प्रभावशाली है।
प्रश्न 2. इस एकांकी को कहानी रूप में लिखिए।
उत्तर: कहानी रूप में सारांश है।
उन्हें लिख देने से उत्तर हो जायेगा।
प्रश्न 3. अगर आप अशोक या पद्मा की जगह होते तो क्या करते और
क्यों?
उत्तर: अगर हम अशोक या पदमा की
जगह होते तो वही व्यवहार करते जो वीरोचित व्यवहार दोनों ने किया।
प्रश्न 4. कल्पना कर बताइए कि यदि अशोक और पद्मा का युद्ध हो
गया होता तो क्या होता?
उत्तर: अगर अशोक और पद्मा का युद्ध
हो गया होता तो कल्पना किया जा सकता है कि लाखें लोग मारे जाते, लाखों
घायल होते तथा अशोक और भी क्रूर हो जाता। वह बौद्ध धर्म स्वीकार नहीं करता।
प्रश्न 5. अस्त्र और शस्त्र के अंतर को लिखिए।
उत्तर:
अस्त्र- वह हथियार है जो हाथ में लेकर चलाया जाता है।
जैसे: तलवार,
गदा,
फलसा इत्यादि ।
शस्त्र- वह हथियार जिसको फेंककर चलाया जाता है।
जैसे: तीर, भाला, बम इत्यादि।
प्रश्न 6. युद्ध से हानियाँ" विषय पर अपने मित्र को एक
पत्र लिखिए।
उत्तर:
भागलपुर
दिनांक
12 – 4 – 2025
प्रिय मित्र
नमस्ते,
मैं कुशल से हूँ। तुम भी सपरिवार कुशल
होगे। आगे पत्र में युद्ध से हानियों के विषय में लिखना चाहूंगा। आज के परमाणु युग
में युद्ध बहुत हानिकारक साबित होगा। युद्ध से मानव का विनाश निश्चित है। लाखों लोग
निरापराध मारे जाते हैं। धन-जन की अपार हानियाँ होती है।
हमारे विचार से युद्ध से होने वाली हानियों के मद्देनजर रखते हुए युद्ध का अंत अनिवार्य
है।
तुम्हारा मित्र
अमन
व्याकरण
प्रश्न 1. नीचे तीन वाक्य दिए गए हैं जो प्रश्नवाचक, पूर्णविराम और विस्मयादि स्थितियों को प्रकट करते हैं। पढ़िए
और समझिए।
(क) मगध की विजय हुई है?
(ख) मगध
की विजय हुई है।
(ग) मगध
की विजय हुई है,
उक्त
उदाहरण के आधार पर ऐसे ही तीन वाक्यों को लिखिए।
उत्तर:
1. रमेश
संस्कृत पढ़ा है ?
2. रमेश
संस्कृत पढ़ा है।
3. रमेश संस्कृत पढ़ा है।
प्रश्न 2. वाक्य में प्रयोग करके "शस्त्र और शास्त्र"
में अन्तर स्थापित कीजिए। "
उत्तर:
1. शस्त्र से युद्ध होता है।
2. शास्त्र
अध्ययन योग्य है।।
अशोक का शास्त्र-त्याग सारांश
स्थान : मैदान जिसमें मगध के सैनिकों का शिविर है। बीच में एक पताका पहरा रही है वहीं
पर सम्राट अशोक का शिविर है। संध्या बीत चुकी है। तारे चमकने लगे हैं। दीपक जल रहे
हैं। अशोक टहलते हुए दिखते हैं उनके मुख पर चिन्ता की छाया है कुछ सोचते हुए आसन पर
बैठ जाते हैं।
अशोक
सोचते हुए (स्वत:)- चार साल से युद्ध हो रहा है। लाखों मारे गये, लाखों घायल हुए लेकिन कलिंग नहीं
जीता जा सका है।
उसी समय
द्वारपाल-गुप्तचर आकर संवाद देता है कि कलिङ्ग के महाराज लड़ाई में मारे जा चुके ।
लेकिन कलिंग का दरवाजा अभी भी बंद है। ” अशोक उत्तेजित होकर काल स्वयं सेना का संचालन करते हैं।
मगध की
सेना कलिंग के द्वार पर अस्त्र-शस्त्र से सजी हैं और सेनाओं, को कलिंग विजय या मृत्यु प्राप्त
करने को ललकारते हैं। उसी समय फाटक
खुलता
है, हजारों स्त्रियाँ वीर वेश
में द्वार से बाहर हो मगध की सेना को चुनौतियाँ देती हैं। लेकिन सम्राट अशोक स्त्रियों
पर हाथ उठाना, उससे युद्ध करना उचित नहीं मानकर शस्त्र त्याग कर युद्ध नहीं करने की प्रतिज्ञा
लेते हैं।
पद्मा
भी उन्हें क्षमा कर देती है। अशोक बौद्ध धर्म स्वीकार कर लेते
बौद्ध
भिक्षु उन्हें
बुद्धं
शरणं गच्छामि।
धर्मं
शरणं गच्छामि।
संघं
शरणं गच्छामि।
का पाठ पढ़ाया।