21 Week Wednesday Hindi Grammar

वाक्य किसे कहते हैं ?

जब किसी शब्द समूह से पूरी बात की समझ आ जाए तो वह वाक्य कहलाता है। जैसे भारत ने इंग्लैंड से क्रिकेट मैच जीता इस शब्द समूह में हमें पूरी बात समझ आ रही है कि किस देश ने किस देश से मैच जीता इसलिए यह एक वाक्य का रूप है।

परिभाषा: शब्दों का एक ऐसा व्यवस्थित समूह जिससे कोई अर्थ प्रकट हो वाक्य कहलाता है।
जैसे:- भारत ने इंग्लैंड से क्रिकेट मैच जीता

वाक्य के दो अंग होते है

1. उद्देश्य (Subject)
2.
विद्येय (Predicate)
1. उद्देश्य:- जब हम किसी बात को कहते हैं तो उस बात में हम किसी विषय की चर्चा करते हैं उस विषय पर चर्चा करने का हमारा एक उद्देश्य होता है इसीलिए हम उस विषय पर चर्चा करते हैं।  इसी प्रकार से जब किसी वाक्य में किसी विषय पर चर्चा की जा रही हो तो उसे उद्देश्य कहा जाता है।
परिभाषा: जिसके बारे में कुछ कहा जाए , उसे उद्देश्य कहते हैं।
उदाहरण:-
►राकेश अखबार बेचता है।

विराट कोहली क्रिकेट खेलता है।

राहुल गांधी चुनाव लड़ता है।

गुलशन पहाड़ पर चढ़ता है।

मोना सब्जी बेचती है।

ऊंट बोझा ढोता है।
इन सभी उदाहरणों में राकेश, विराट कोहली, राहुल गांधी, गुलशन, मोना, ऊंट, के विषय के बारे में बताया गया है, अतः यह सब इन वाक्य के उद्देश्य हैं।

उद्देश्य के रूप: वाक्यों में उद्देश्य भिन्न – भिन्न रूप में आता है -
(i) संज्ञा    गुलशन पहाड़ पर चढ़ता है।
(
ii) सर्वनाम - वह खेलता है ।
(
iii) विशेषण - गरीब को कौन पूछता है ?
(
iv) क्रियार्थक संज्ञा – हंसना जरूरी है ।

2. विद्येय:-
परिभाषा: जब किसी वाक्य में उद्देश्य के विषय में जो कुछ भी कहा जाता है
, उसे विद्येय कहते हैं।
उदाहरण
:
पूनम किताब पढ़ती है।
सचिन क्रिकेट खेलता है।
नानी कहानियां सुनाती है।
वह बहुत दूर स्कूल जाता है।
अध्यापक कक्षा में बढ़ाता है।
नेता रैली में भाषण देता है
इन ऊपरलिखित वाक्यों में क्रिकेट खेलता है
, कहानियां सुनाती है, स्कूल जाता है, कक्षा में पढ़ाता है, भाषण देता है,
आदि विद्येय के उदाहरण हैं। 

वाक्यांश:- वाक्य का वह पूर्ण अंश वाक्यांश कहलाता है , जिसका का संबंध उस वाक्य की क्रिया से नहीं होता ।
जैसे: भोजन करने के बाद मैंने फल खाया ।
इस वाक्य मे ‘भोजन करने के बाद’ मूल वाक्य का वाक्यांश है ।

 

वाक्यखंड:- वाक्य के उस खंड को वाक्यखंड कहते हैं, इसमें क्रिया के रहते हुए भी पूर्ण अर्थ प्रकट नहीं होता ।
जैसे:- ज्योंही वह आया , त्योंही मैं चला गया ।
इसमें ‘ज्योंही वह आया’ वाक्यखंड है ।  
इस पहले वाक्यखंड के अधुरेपन को दूसरा वाक्यखंड त्योंही मैं चला गया – दूर करता है ।